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कभी-कभी एक ही दिन में इतनी खबरें आ जाती हैं कि समझना मुश्किल हो जाता है कि पहले किस पर ध्यान दें। नेटफ्लिक्स के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। कंपनी ने पहली तिमाही के अच्छे नतीजे पेश किए। लेकिन उसी के साथ दो ऐसी बातें सामने आईं जिन्होंने बाजार को हिला दिया। नतीजा शेयर 9 से 12% तक गिर गए। और यह गिरावट अप्रैल 2022 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट बन गई।
नेटफ्लिक्स के शेयर क्यों गिरे?
देखा जाए तो पहली तिमाही के आंकड़े बुरे नहीं थे। रेवेन्यू 16% बढ़कर 12.25 अरब डॉलर पहुंचा, जो अनुमान से थोड़ा बेहतर था। प्रति शेयर कमाई 1.23 डॉलर रही, जबकि विश्लेषकों को 76 सेंट की उम्मीद थी। यानी नतीजे तो ठीकठाक थे।असली मार पड़ी दूसरी तिमाही के अनुमान से। कंपनी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच प्रति शेयर कमाई 78 सेंट रह सकती है, जबकि बाजार को 84 सेंट की उम्मीद थी। रेवेन्यू का अनुमान भी 12.57 अरब डॉलर रहा, जो उम्मीद से थोड़ा कम है। शेयर बाजार में थोड़ी सी चूक भी बड़ी सजा देती है और यहां भी ऐसा ही हुआ।ऊपर से एक और खबर आई जिसने आग में घी का काम किया।
रीड हेस्टिंग्स का जाना: एक युग का अंत
नेटफ्लिक्स ने घोषणा की कि कंपनी के सह-संस्थापक और चेयरमैन रीड हेस्टिंग्स जून में होने वाली सालाना बैठक में दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। यानी 29 साल बाद वे कंपनी से पूरी तरह अलग हो जाएंगे।हेस्टिंग्स ने 1997 में नेटफ्लिक्स की नींव रखी थी एक छोटे से आइडिया से, जहां लोगों को डाक से DVD भेजी जाती थीं। उस वक्त Blockbuster जैसी किराए की दुकानें बाजार पर राज करती थीं। किसने सोचा था कि यह छोटी सी कंपनी एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी स्ट्रीमिंग सेवा बनेगी।2007 में नेटफ्लिक्स ने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग शुरू की और पूरी एंटरटेनमेंट दुनिया बदल गई। हेस्टिंग्स ने कंपनी को कोविड जैसे मुश्किल दौर से भी निकाला। 2011 का Qwikster वाला फैसला भले ही गलत साबित हुआ, लेकिन उन्होंने उससे सबक लिया और आगे बढ़े। 2023 में उन्होंने CEO की कुर्सी छोड़ी और चेयरमैन बने। अब वह भी छोड़ रहे हैं।उनकी जगह लेने वाला कोई नाम अभी तक सामने नहीं आया है। और बाजार को यह बात पसंद नहीं आई। एक विश्लेषक ने सीधे कहा हेस्टिंग्स के जाने की खबर ने निवेशकों को डरा दिया।
मजबूत नतीजों के बावजूद निवेशकों की चिंता
यहां एक दिलचस्प बात यह है कि नेटफ्लिक्स के पास 32.5 करोड़ से ज्यादा पेड सब्सक्राइबर हैं। यह एक बहुत बड़ा आंकड़ा है। कंपनी का विज्ञापन रेवेन्यू इस साल 3 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पिछले साल से दोगुना है।लेकिन निवेशकों की असली चिंता यह है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ रही है। पिछले दो सालों में यूजर एंगेजमेंट यानी लोग नेटफ्लिक्स पर कितना समय बिताते हैं इसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। कंपनी ने मार्च में सब्सक्रिप्शन के दाम भी बढ़ाए, जिससे कुछ लोग सोच रहे हैं कि क्या यह टिकाऊ है।इसके अलावा Warner Bros डील का फेल होना भी पीछे है। नेटफ्लिक्स ने इस स्टूडियो को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन Paramount Skydance ने 110 अरब डॉलर में यह डील अपने नाम कर ली। नेटफ्लिक्स को बदले में 2.8 अरब डॉलर की ब्रेकअप फीस मिली जो बुरा नहीं है, लेकिन कंपनी एक बड़ा मौका चूक गई।
आगे नेटफ्लिक्स के सामने क्या चुनौतियाँ हैं
नेटफ्लिक्स के को-CEO Ted Sarandos और Greg Peters ने निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है। उनका कहना है कि तीन चीजों पर फोकस रहेगा बेहतर कंटेंट, नई तकनीक और सब्सक्राइबर्स से ज्यादा कमाई।कंपनी अब लाइव इवेंट्स, वीडियो पॉडकास्ट और विज्ञापन आधारित प्लान पर जोर दे रही है। मोबाइल ऐप में वर्टिकल वीडियो फीड जोड़ने की भी तैयारी है जो Instagram और YouTube रील्स जैसा अनुभव देगा। कंपनी साफ तौर पर युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।
निष्कर्ष:
नेटफ्लिक्स के लिए यह हफ्ता बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा। अच्छे नतीजे, कमजोर अनुमान और एक बड़े नाम की विदाई यह सब एक साथ हुआ। रीड हेस्टिंग्स का जाना कंपनी के लिए भावनात्मक रूप से बड़ा पल है। लेकिन असली परीक्षा अब Sarandos और Peters की होगी। उन्हें यह साबित करना होगा कि नेटफ्लिक्स सिर्फ एक संस्थापक की वजह से नहीं, बल्कि अपनी मजबूत नींव की वजह से आगे बढ़ता है। प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, दर्शकों के विकल्प बढ़ रहे हैं लेकिन नेटफ्लिक्स के पास अनुभव, संसाधन और एक बड़ा सब्सक्राइबर बेस है। अगर सही रणनीति पर चले, तो यह दौर भी गुजर जाएगा।

nitish kumar
A California-based travel writer, lover of food, oceans, and nature.